दिल्ली रेस क्लब पर केंद्र सरकार का कब्जा, बुलडोजर से पुराने ढांचे ध्वस्त

53.24 एकड़ जमीन सीपीडब्ल्यूडी को सौंपी गई, कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद हुई कार्रवाई

नई दिल्ली। दिल्ली के करीब एक सदी पुराने दिल्ली रेस क्लब पर गुरुवार को केंद्र सरकार ने कब्जा ले लिया। रेस कोर्स इलाके में स्थित करीब 53.24 एकड़ जमीन को भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ) ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) को देखरेख और रखरखाव के लिए सौंप दिया। यह कार्रवाई पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा क्लब की बेदखली पर अंतरिम रोक की मांग वाली याचिका खारिज किए जाने के बाद हुई।

कब्जा लेने के कुछ ही समय बाद क्लब परिसर में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई। बुलडोजर से घोड़ों के अस्तबल, बुकमेकर रिंग और विनिंग पोस्ट समेत कई पुराने ढांचों को गिराया गया। इसके साथ ही क्लब में लंबे समय से चली आ रही घुड़दौड़ की गतिविधियां भी समाप्त हो गईं।

1994 के बाद नहीं हुआ था लीज का नवीनीकरण

मामले में अदालत के समक्ष यह तथ्य सामने आया कि दिल्ली रेस क्लब की जमीन की लीज वर्ष 1994 के बाद नवीनीकृत नहीं हुई थी। क्लब ने बेदखली की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।

आगे की सुनवाई 26 सितंबर को

केंद्र की ओर से जमीन पर कब्जा लेने की कार्रवाई के बावजूद मामले की कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामले की अगली सुनवाई 26 सितंबर 2026 को होनी है। फिलहाल जमीन केंद्र सरकार के नियंत्रण में है और इसे सीपीडब्ल्यूडी को सौंप दिया गया है।

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