Tuesday, 25 August 2026

प्याज की कीमतों पर सरकार की कड़ी नजर, घरेलू मांग के लिए पर्याप्त स्टॉक

 


प्याज की कीमतों पर सरकार की कड़ी नजर, घरेलू मांग के लिए पर्याप्त स्टॉक

नई दिल्ली, 25 अगस्त। प्याज की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार ने निगरानी तेज कर दी है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक देशभर में प्याज की कीमतों, मंडियों में आवक और उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक मूल्य वृद्धि से बचाया जा सके। सरकार का कहना है कि आने वाले महीनों में घरेलू मांग पूरी करने के लिए प्याज का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में प्याज का अनुमानित उत्पादन 307.37 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है। यह पिछले वर्ष के 307.67 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के लगभग बराबर है। इसके अलावा सरकार के पास पर्याप्त बफर स्टॉक भी मौजूद है, जिसका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर बाजार में कीमतों को नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है।

बफर स्टॉक से बाजार में बढ़ेगी आपूर्ति

सरकार अगस्त-सितंबर में प्याज की कीमतों में होने वाले मौसमी उतार-चढ़ाव को देखते हुए बफर स्टॉक से चरणबद्ध तरीके से प्याज बाजार में उतार रही है। त्योहारी मांग, मौसम और आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव के कारण इस अवधि में कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिलती है।

आपूर्ति को तेज करने के लिए ‘कांदा एक्सप्रेस’ का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। 24 अगस्त से नासिक से प्रमुख उपभोग केंद्रों तक प्याज की ढुलाई और बफर स्टॉक की बिक्री दोबारा शुरू की गई है। शुरुआती चरण में दिल्ली, चेन्नई, मदुरै, कोच्चि और गुवाहाटी को इसके दायरे में शामिल किया गया है। जरूरत के अनुसार आगे अन्य शहरों को भी जोड़ा जाएगा।

सरकार का कहना है कि मूल्य स्थिरीकरण नीति का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर प्याज उपलब्ध कराना और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना, दोनों के बीच संतुलन कायम करना है। बाजार की स्थिति के अनुसार प्याज की मात्रा, आपूर्ति का समय और गंतव्य तय किए जा रहे हैं।

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