हिमाचल में फिर बदला मौसम, 3 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट

कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में आज येलो अलर्ट; भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और जलभराव का खतरा

शिमला। हिमाचल प्रदेश में कमजोर पड़ा मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सोमवार, 31 अगस्त को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 1 से 3 सितंबर तक भी प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट रहेगा।

मौसम विभाग के मुताबिक, चंबा, बिलासपुर, ऊना और हमीरपुर में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। शिमला और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक के दौर आने की संभावना है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा

भारी बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और जलभराव की आशंका जताई गई है। कम और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, 3 सितंबर तक किन्नौर और लाहौल-स्पीति में भी तेज हवाओं का असर रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने वाहन चालकों से बारिश के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

कालका-शिमला रेल ट्रैक प्रभावित, 10 ट्रेनें रद्द

लगातार बारिश के कारण सोलन जिले में कालका-शिमला नैरो गेज रेलवे लाइन भी प्रभावित हुई है। कोटी और गुम्मन स्टेशनों के बीच ट्रैक का एक हिस्सा धंसने और मिट्टी बह जाने के बाद 10 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। ब्रिज नंबर 57 के पास ट्रैक के आसपास से मिट्टी बहने की सूचना है।

रेलवे के मुताबिक, ट्रैक की मरम्मत पूरी होने के बाद ही ट्रेन सेवाएं दोबारा बहाल की जाएंगी।

मानसून में अब तक 104 लोगों की मौत

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, 30 जून से शुरू हुए मानसून सीजन में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 104 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदेश को करीब 1,184 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

भारी बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं के कारण रविवार शाम तक राज्य में 64 सड़कें बंद थीं। इनमें मंडी की 24, कुल्लू की 16, कांगड़ा और सिरमौर की सात-सात, ऊना की चार, शिमला की तीन, सोलन की दो और लाहौल-स्पीति की एक सड़क शामिल है।

अगस्त में सामान्य से 18 फीसदी कम बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 1 से 30 अगस्त के बीच हिमाचल में 205.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य बारिश 251.7 मिलीमीटर रहती है। यानी अगस्त में अब तक सामान्य से करीब 18 फीसदी कम बारिश हुई है।

सिरमौर के धौलाकुआं में सबसे ज्यादा 71.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। नाहन में 36.8, शिमला और घाघस में 30-30, पालमपुर में 23.8, मुरारी देवी में 22, काहू में 11.6 और पंडोह में 10 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

बारिश बढ़ाएगी लोगों की मुश्किलें

भारी बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका है। फिसलन भरी सड़कों और कम दृश्यता के कारण वाहन दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है। खेती-बागवानी को भी आंशिक नुकसान की आशंका जताई गई है।

प्रशासन ने लोगों से संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचने, नदी-नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

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