शास्त्री नगर के 44 सील भूखंडों का सर्वे शुरू

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आवास विकास की कार्रवाई तेज

मेरठ शास्त्री नगर स्थित 44 सील भूखंडों के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में आवास विकास परिषद ने रविवार से सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया। सर्वे के लिए परिषद की टीम ने पहले सील किए गए भूखंडों को अस्थायी रूप से डी-सील कराया और भूखंड स्वामियों की मौजूदगी में प्रत्येक स्थल का भौतिक निरीक्षण किया। सर्वे पूरा होने के बाद सभी भूखंडों को दोबारा सील कर दिया गया।

उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह के निर्देशन तथा अधिशासी अभियंता अभिषेक राज के नेतृत्व में सुबह से सर्वे अभियान शुरू हुआ। शाम करीब चार बजे तक टीम ने सभी 44 भूखंडों का निरीक्षण किया। इस दौरान व्यापारी और भूखंड स्वामी भी मौके पर मौजूद रहे।

अधिकारियों के अनुसार, सर्वे के दौरान प्रत्येक भूखंड पर निर्धारित सेटबैक, निर्माण की प्रकृति और भूमि उपयोग का आकलन किया गया। इसी आधार पर तय किया जाएगा कि किस भूखंड पर कितना सेटबैक छोड़ा जाना आवश्यक है और किन मामलों में अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि 6 अप्रैल को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए 72 घंटे के भीतर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में 8 अप्रैल को आवास विकास परिषद ने शास्त्री नगर के 44 भूखंडों को सील कर दिया था। इनमें अस्पताल, बैंक, स्कूल और शोरूम सहित कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं।

इसके बाद 14 जुलाई की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित भूखंडों पर निर्धारित सेटबैक नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश देते हुए आवास विकास परिषद को विस्तृत सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे। इसी क्रम में रविवार को यह सर्वे कराया गया।

उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सर्वे के दौरान प्रत्येक भूखंड की वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया है। सर्वे रिपोर्ट तैयार कर सक्षम प्राधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई होगी। आवश्यकता पड़ने पर सेटबैक सुनिश्चित कराने और अवैध निर्माण के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।

कई भूखंडों में मिले कई स्वामी, मांगी गई बैनामे की प्रतियां

सर्वे के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें मूल स्वामी ने भूखंड को अलग-अलग हिस्सों में बेच दिया था। ऐसे सभी मामलों में संबंधित भूखंड स्वामियों से बैनामे की प्रतियां उपलब्ध कराने को कहा गया है। सर्वे के बाद संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए जाएंगे।

रविवार को भी खुला रहा आवास विकास कार्यालय

सर्वे अभियान को देखते हुए रविवार सुबह नौ बजे ही आवास विकास परिषद का कार्यालय खोल दिया गया। अधिकारियों ने पहले संबंधित फाइलों का परीक्षण किया और उसके बाद सर्वे शुरू कराया। पूरे अभियान के दौरान नौचंदी थाना पुलिस सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रही।

धरने में शामिल हुए माधवपुरम के व्यापारी

सुप्रीम कोर्ट के 14 जुलाई के आदेश के बाद सेटबैक विवाद को लेकर सेक्टर-2 और सेक्टर-3 में पिछले 95 दिनों से धरने पर बैठी महिलाओं को राहत नहीं मिलने के कारण उनका आंदोलन जारी है। रविवार को धरने में माधवपुरम के व्यापारी भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर कहा कि वे न तो सेटबैक छोड़ेंगे और न ही अपनी दुकानें खाली करेंगे।

बैठक में व्यापारियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर कानून में संशोधन न करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि सरकार चाहती तो समाधान निकाल सकती थी, लेकिन अब केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की ओर से भेजे गए प्रतिनिधियों का प्रस्ताव व्यावहारिक समाधान नहीं है और इससे न तो दुकानों का भविष्य सुरक्षित होगा और न ही मकानों का। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक होने के कारण सरकार केवल राजनीतिक नुकसान से बचने का प्रयास कर रही है।

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