बैंकों द्वारा सीएसआर फंड का ब्यौरा उपलब्ध न कराने पर डीएम ने जताई कड़ी नाराजगी

डीएम ने दी चेतावनी तीन दिन में पिछले तीन वित्तीय वर्ष का सीएसआर फंड का ब्यौरा कराये उपलब्ध, अन्यथा होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई डीसीसी/डीएलआरसी/डीएलएससी की बैठक

 मेरठ। मंगलवार को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में डीसीसी/डीएलआरसी/डीएलएससी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरकार की प्राथमिकता वाले ऋण प्रकरणों एवं विभिन्न योजनाओं की बैंकवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्राथमिकता वाले ऋण से संबंधित लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण  किया जाए। जनपद के सरकारी बैंकों द्वारा पिछले तीन वर्षों का वित्तीय वर्षवार सीएसआर फंड विवरण उपलब्ध न कराए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

उन्होंने लीड बैंक मैनेजर को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी बैंक अगले तीन दिनों में पिछले तीन वित्तीय वर्षों में खर्च किए गए सीएसआर फंड का विवरण तथा चालू वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना उपलब्ध कराएं। आदेश का अनुपालन न होने पर संबंधित बैंकों के विरुद्ध उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई कराई जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित से जुड़े कार्य सर्वाेपरि हैं तथा सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध रूप से ऋण उपलब्ध कराने तथा निर्धारित लक्ष्यों की समय से पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की समीक्षा करते हुये उन्होंने उपायुक्त उद्योग को निर्देश दिए कि बैंकों के साथ लंबित प्रकरणों की प्रत्येक सप्ताह समीक्षा कर उनका निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही लंबित एवं अस्वीकृत ऋण आवेदनों की समीक्षा की जाये छोटी-छोटी कमियो को ठीक कराते हुये कार्यवाही की जाये। प्रत्येक बैंक उद्यमी योजना का प्राथमिकता पर ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), उपायुक्त उद्योग, लीड बैंक मैनेजर सहित संबंधित बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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