शादी का झांसा देकर यौन शोषण
राहुल अग्रवाल पर दिल्ली की लड़की का गंभीर आरोप, पुलिस के चक्कर काटने को मजबूर!
मेरठ। मेरठ में शादी का झांसा देकर कथित रूप से यौन शोषण करने, बाद में शादी से इनकार करने और युवती की पहचान पर सवाल उठाने का मामला सामने आया है।
दिल्ली निवासी एक युवती ने थाना नौचंदी में तहरीर देकर मेरठ निवासी युवक राहुल अग्रवाल और उसके परिवार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए, लेकिन बाद में आरोपी और उसके परिवार ने शादी से साफ इनकार कर दिया। फिलहाल मामले में पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है और जांच जारी है।
पीड़िता के अनुसार उसकी मुलाकात वर्ष 2026 की शुरुआत में मेरठ निवासी राहुल अग्रवाल से हुई थी। आरोप है कि राहुल ने विवाह का प्रस्ताव रखकर उसका विश्वास जीता और शादी का वादा करते हुए उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। युवती का कहना है कि आरोपी उसे कई बार मेरठ लेकर आया, अपने परिवार से मिलवाया और जल्द शादी कराने का भरोसा देता रहा।
युवती का आरोप है कि राहुल के आश्वासन पर उसने अपने परिवार द्वारा तय किया गया दूसरा रिश्ता भी ठुकरा दिया। उसका कहना है कि जब उसने शादी की तारीख तय करने का दबाव बनाया तो आरोपी और उसके परिवार की ओर से लगातार टालमटोल की जाने लगी। शिकायत के अनुसार परिवार के कुछ सदस्यों ने पहले शादी कराने का भरोसा दिया, लेकिन अगले ही दिन अपना रुख बदल लिया।
तहरीर में युवती ने आरोप लगाया है कि 17 जून को राहुल उसे दिल्ली से मेरठ बुलाकर एक होटल में ले गया, जहां शादी का भरोसा देकर तीन दिनों तक उसके साथ रहा और इस दौरान शारीरिक संबंध बनाए। युवती का दावा है कि जब उसे धोखे का एहसास हुआ तो उसने पुलिस सहायता के लिए 112 नंबर पर कॉल भी की। उसके अनुसार सूचना मिलने पर स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे थे।
पीड़िता का कहना है कि जब उसने शादी की मांग दोहराई तो आरोपी पक्ष ने उससे दूरी बना ली। आरोप है कि उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उसे धमकियां भी दी गईं। युवती का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम से उसका सामाजिक और पारिवारिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है तथा उसे अपनी सुरक्षा की भी चिंता है।
मामले में एक नया मोड़ तब आया जब युवती ने आरोप लगाया कि शादी से इनकार करने के बाद उसकी पहचान और नागरिकता को लेकर सवाल उठाए जाने लगे। युवती का कहना है कि वह जन्म से दिल्ली की रहने वाली है, उसके परिवार की जड़ें बिहार से जुड़ी हैं और परिवार कुछ समय पश्चिम बंगाल में भी रहा है। उसके अनुसार उसे "बांग्लादेशी" बताकर बदनाम करने और मामले को दूसरी दिशा देने की कोशिश की जा रही है। हालांकि इस संबंध में अभी तक किसी भी सरकारी एजेंसी या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
युवती ने आरोप लगाया कि 21 जून से वह लगातार विभिन्न थानों और पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रही है, लेकिन उसकी शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उसने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से हस्तक्षेप कर मुकदमा दर्ज कराने, निष्पक्ष जांच कराने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। शिकायत में एक स्थानीय भाजपा पार्षद का नाम भी लिया गया है, हालांकि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
फिलहाल इस मामले में लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता की तहरीर और उसके बयानों पर आधारित हैं। आरोपी पक्ष की ओर से इस संबंध में सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।


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