मेरठ में 20 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे

बेगमपुल, सीसीएसयू सहित प्रमुख स्थानों का चयन

पीपीपी मॉडल पर जनवरी तक हो जाएंगे तैयार

 मेरठ। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती बिक्री के साथ लोगों को ई-चार्जिंग स्टेशन की सुविधा देने की कवायद शुरू हो गई है। बेगमपुल, मेरठ कालेज, कचहरी, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के आसपास सहित शहर के 20 स्थानों पर ई-चार्जिंग की सुविधा लोगों को मिलेगी। 

ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 20 प्रमुख स्थानों का चयन कर लिया गया है। ये पीपीपी माडल पर स्थापित किए जाएंगे। निर्माण एवं संपत्ति अनुभाग ने संयुक्त रूप से चयनित स्थानों की स्थलीय रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंप दी है। जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निगम अधिकारियों का दावा है कि जनवरी तक ई-चार्जिंग स्टेशन बनकर तैयार हो जाएंगे। इन स्टेशनों पर सभी ई-व्हीकल की चार्जिंग सुविधा प्रदान की जाएगी।

चार्जिंग स्टेशनों के लिए प्रस्तावित स्थल

-बेगमपुल के पास दयानंद नर्सिंग होम के सामने नगर निगम पार्किंग स्थल में।

-मेरठ कालेज के समीप मुख्य गेट के दोनों तरफ। गुप्ता जी की कुटिया के पास।

-पूर्वी कचहरी गेट के सामने पेट्रोल पंप के बराबर में।

-नेहरू रोड पर नाले पटरी मंदिर के बराबर में।

-बेगमपुल रोड पर यूनियन बैंक के सामने,राजकीय इंटर कालेज की दीवार के बाहर।

-हापुड़ रोड पर पीएसी की दीवार के निकट पुराने ढलावघर के पास।

-शास्त्री नगर में पीवीएस रोड पर कांशी राम पार्क के सामने।

-तेजगढ़ी चौराहे के समीप कृष्णा प्लाजा के निकट, पिंक टायलेट के पीछे।

-गढ़ रोड पर बीएसएनएल आफिस के पास तिकोने पार्क के पीछे।

-चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के सामने।

- मंगलपाण्डे नगर सार्वजनिक शौचालय के दोनों तरफ।

-मंगलपांडे नगर में नवग्रह वाटिका पार्क के आगे,सेक्टर-1 अमृत योजना पार्क के पास।

-सूरज कुंड पार्क के बाहर पार्किंग एरिया में।

-दिल्ली-दून हाइवे पर करम-धरम होटल के आगे।

-रुड़की रोड पर दुल्हेड़ा चौहान को जाने वाले रास्ते के कोने पर।

-दिल्ली-दून हाइवे पर कृषि विश्वविद्यालय के सामने।

-बागपत रोड पर दिल्ली पब्लिक स्कूल के पास।

-सेंट्रल मार्केट पार्किंग स्थल में।

-घंटाघर नगर निगम की पार्किंग स्थल में।

-रेलवे रोड चौराहे पर डीएन कालेज के सामने।

निगम मुहैया कराएगा जमीन

ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए टेंडर निकाल दिया गया है। 16 जुलाई को टेंडर की तकनीकी खुलेगी। जो कंपनी चयनित होगी वह अपने खर्च पर इसे स्थापित करेगी। एक निश्चित अवधि तक इनका संचालन उसके पास होगा। निगम जमीन मुहैया कराएगा।-शिरीष सिंह, अधिशासी अभियंता, नगर निगम।


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