दिल्ली मेट्रो फेज 5A का शंखनाद

 संसद भवन और कर्तव्य पथ के नीचे से गुजरेगी हाई-टेक मेट्रो

डीएमआरसी ने दिया ₹1,024 करोड़ का 'सेंट्रल विस्टा' कॉन्ट्रैक्ट, 33 महीने में पूरा होगा 'कर्तव्य पथ' मेट्रो कॉरिडोर 

दिल्ली मेट्रो फेज 5A का शंखनाद: संसद भवन और कर्तव्य पथ के नीचे से गुजरेगी हाई-टेक मेट्रो

नई दिल्ली। राजधानी की जीवनरेखा मानी जाने वाली दिल्ली मेट्रो ने अपने विस्तार के अगले चरण (फेज 5A) की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने औपचारिक रूप से सेमिंडिया प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को ₹1,024 करोड़ का 'सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर' अनुबंध आवंटित कर दिया है। यह कॉरिडोर देश के सबसे सुरक्षित और संवेदनशील सत्ता गलियारे के नीचे से होकर गुजरेगा।

इस प्रोजेक्ट का सबसे रोमांचक और चुनौतीपूर्ण हिस्सा 2.84 किलोमीटर लंबी जुड़वां सुरंगों का निर्माण है। ये सुरंगें अत्याधुनिक 'शील्ड टनल बोरिंग मशीन' द्वारा बनाई जाएंगी, यह सुरंग भारत की सबसे महत्वपूर्ण इमारतों उच्चतम न्यायालय, इंडिया गेट और नए संसद भवन, कर्तव्य पथ और कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के ठीक नीचे से गुजरेंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि विरासत इमारतों और सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण इन ढांचों के नीचे से सुरंग खोदना 'इंजीनियरिंग की अग्निपरीक्षा' जैसा है, जहाँ मिलीमीटर की भी चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली के सबसे हाई-प्रोफाइल इलाके में मेट्रो का जाल बिछाया जाएगा। डीएमआरसी ने स्पष्ट किया है कि निर्माण के दौरान ऐतिहासिक विरासत और सरकारी इमारतों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। टीबीएम नेविगेशन को 'मिलीमीटर-प्रिसिजन' के साथ संचालित किया जाएगा ताकि सतह पर कोई कंपन या नुकसान न हो। काम शुरू होने के 33 महीनों के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

बदलेगी 'सेंट्रल विस्टा' की कनेक्टिविटी

इस परियोजना के तहत दो मुख्य भूमिगत स्टेशन बनाए जाएंगे। इसमें सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (केंद्रीय सचिवालय): यह स्टेशन अब 'ट्रिपल-इंटरचेंज' हब बन जाएगा, जो येलो लाइन, वायलेट लाइन और नई मैजेंटा लाइन एक्सटेंशन को जोड़ेगा। वहीं कर्तव्य भवन का यह स्टेशन विशेष रूप से मंत्रालयों में काम करने वाले कर्मचारियों और पर्यटकों को सीधे भूमिगत पहुँच प्रदान करेगा, जिससे कर्तव्य पथ पर सतह का यातायात बाधित नहीं होगा। इन स्टेशनों के बनने से मंत्रालय जाने वाले कर्मचारियों और पर्यटकों को भारी भीड़ और सतह के ट्रैफिक से मुक्ति मिलेगी। वे मेट्रो से सीधे अपने कार्यालय या दर्शनीय स्थलों के प्रवेश द्वार तक पहुँच सकेंगे। 

मैजेंटा लाइन बनेगी नेटवर्क का सबसे लंबा कॉरिडोर

दिल्ली कैबिनेट स्वीकृत यह प्रोजेक्ट फेज 5A का हृदय है। इस विस्तार के पूर्ण होने पर दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन (लाइन 8) बॉटनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक लगभग 89 किलोमीटर लंबी हो जाएगी, जिससे यह पूरे नेटवर्क का सबसे लंबा कॉरिडोर बन जाएगा।

कुल लागत: ₹12,014.91 करोड़।

सुविधाएं: इस पूरे कॉरिडोर पर ड्राइवरलेस (चालक रहित) ट्रेनें दौड़ेंगी।

नेटवर्क: फेज 5A में कुल 13 नए स्टेशन जुड़ेंगे, जिनमें से 10 भूमिगत और 3 एलिवेटेड होंगे।

इन्नोमेट्रो 2026: भविष्य की रेल तकनीक का मंच

No comments:

Post a Comment

Popular Posts