विलाप करते परिजन
कानपुर में दो बेटियों संग मां ने खाया जहर, मौत
12 साल पहले शादी, पति से तलाक के बाद 3 साल से मायके में थी
कानपुर। कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के नजफगढ़ में एक महिला ने अपनी दो बेटियों के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया। तबियत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें आनन-फानन में हैलट अस्पताल में भर्ती कराया। वहां तीनों को मृत घोषित कर दिया गया है। महिला अपने दोनों बेटियों के साथ तीन साल से मायके में रह रही थी।
महाराजपुर के नजफगढ़ निवासी रामपाल गुजरात की कपड़ा की एक फैक्ट्री में काम करते हैं। परिवार में पत्नी शांति देवी, बेटा प्रताप, धर्मेंद्र, जितेंद्र व इकलौती बेटी चांदनी थी। चांदनी (33) की शादी मैनपुरी के करहल, नगला सीताराम निवासी राकेश से 12 साल पहले हुई थी।दोनों को दो बेटियां पायल (7) और ब्यूटी (5) हुईं।
परिजनों के मुताबिक चांदनी का पति उसे पीटता था। इससे परेशान होकर वह 5 साल पहले मायके में रहने लगी थी। 3 साल पहले पंचायत के बाद दोनों में तलाक हो गया। तब से वह अपनी दोनों के बेटियों के साथ मायके में ही रह रही थी। वह गांव में रहकर मजदूरी करती थी। खुद ही दोनों बेटियों की परवरिश कर रही थी।
चांदनी के भाई धर्मेेंद्र ने बताया कि परिवार के एक हिस्से में वह पत्नी धीरेंद्र व दो बेटियों दिव्यांशी और दिव्या के साथ रहते हैं। दूसरे हिस्से में भाई जितेंद्र , उसकी पत्नी संध्या, बेटा लकी और बेटी अदिति के साथ रहता है। जबकि चांदनी, मां शांति देवी व अपनी दोनों बेटियों के साथ अलग रहती थी।
भाई जितेंद्र के मुताबिक मंगलवार सुबह 4 बजे शौचक्रिया के लिए गांव के किनारे बने शौचालय गए थे। सुबह 6 बजे वह वापस लौटे तो घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा थी। अंदर जाकर देखा तो बहन चांदनी व भांजी पायल व ब्यूटी जमीन पर पड़ी हुई थी। तीनों को सरसौल सीएचसी लेकर पहुंचे। वहां से उन्हें गंभीर हालत में हैलट रेफर कर दिया गया। वहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टर के कॉल पर भी नहीं पहुंची एंबुलेंस
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। चांदनी के भाई धर्मेंद्र ने बताया कि उन्होंने डॉयल-108 पर कई फोन किया, लेकिन कोई भी रिस्पांस नहीं मिला। इसके बाद गांव के ही युवक ने तीनों को लेकर सरसौल सीएचसी पहुंचे। वहां तैनात डाॅक्टरों ने 7 बार डॉयल–108 पर कॉल किया था। इसके करीब एक घंटे बाद एबुंलेंस मुहैया कराई गई।जब तक वह हैलट अस्पताल पहुंचे, तब तक बहन व भांजियों की मौत हो चुकी थी। परिजनों ने कहा कि अगर समय पर वह अस्पताल पहुंच जाती तो शायद उनकी जान बच जाती।
डीसीपी पूर्वी ने घर पहुंचकर जानकारी की, बोले वजह साफ नहीं
घटना की जानकारी पर डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि सुबह 11 बजे हैलट अस्पताल से महाराजपुर को जानकारी मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से घटना की जानकारी ली। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।परिजन बच्चियों के शवों को घर ले गए थे। अब शवों को पोस्टमार्टम के लिए लाया जा रहा है। परिजनों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बोली अधिकारी
एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह का कहना है कि महिला पिछले कई वर्षों से मायके में अपनी दोनों बेटियों और मां शांति के साथ रह रही थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला अपने परिजनों के तानों के कारण क्षुब्ध हो गई थी, जिसके चलते उसने आत्महत्या का कदम उठाया है। फिलहाल परिजनों ने भी कोई ठोस जानकारी नहीं दी है।पुलिस की टीम परिजनों और पड़ोसियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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