वर्ल्ड कप, वानखेडे और सेमीफाइनल… 

टीम इंडिया के पास सालों पुराने जख्म भरने का मौका

 मुंबई। मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में आज  जब टीम इंडिया उतरेगी तो भारतीय फैंस की धड़कनें थोड़ी बढ़ी हुई होंगी।भारतीय टीम इस मैदान पर टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड से टकराएगी। अब तक अपनी पूरी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रही भारतीय टीम फाइनल में पहुंचने के लिए यहां कोई कोताही नहीं कर सकती है। इसकी वजह सिर्फ मौजूदा प्रदर्शन नहीं है बल्कि 10 साल पुराना वो जख्म भी है, जो अभी भी थोड़ा दर्द देता है और भारतीय फैंस उसी जख्म के पूरी तरह भरने की उम्मीद करेंगे।

मगर ये कौन सा दर्द है, जिसने अब तक परेशान किया है? तो जवाब है टी20 वर्ल्ड कप, सेमीफाइनल और वानखेडे स्टेडियम. बात ऐसी है कि भारत और इंग्लैंड जब उतरेंगे तो टी20 वर्ल्ड कप 2016 की कुछ यादें ताजा हो जाएंगी। पूरे 10 साल बाद भारतीय टीम वानखेडे स्टेडियम में टी20 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल खेलेगी। इससे पहले जब टीम इंडिया ने इस मैदान पर ऐसा ही एक मैच खेला था तो वो उसके लिए अच्छा नहीं रहा था। जिसका दुख आज भी कई भारतीय फैंस को रहता है।

10 साल पुराना वानखेडे का जख्म

मार्च 2016 में वानखेडे पर भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल खेला गया था। उस वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का हाल भी कुछ ऐसा ही था, जैसा इस बार है। टीम सेमीफाइनल से पहले सिर्फ एक मैच हारी थी लेकिन पूरी टीम एक साथ मिलकर विरोधियों को धूल चटाने में संघर्ष कर रही थी। फिर वो सेमीफाइनल आया, जिसमें भारत ने विराट कोहली की 89 रन की नाबाद पारी के दम पर वेस्टइंडीज को 195 रन का लक्ष्य दिया था। फिर भारतीय फील्डिंग से लेकर बॉलिंग की कुछ गलतियों की मदद से वेस्टइंडीज ने वो मुकाबला जीतकर फाइनल में जगह बनाई और साथ ही खिताब भी जीता था।

उस वर्ल्ड कप के बाद ये पहला ही टी20 वर्ल्ड कप है, जिसका आयोजन भारत में किया जा रहा है और उसमें भी टीम इंडिया सेमीफाइनल में पहुंची है। साथ ही फिर उसी मैदान पर खेलने उतर रही है। तब भी टीम इंडिया खिताब की दावेदार थी और इस बार भी है. मगर चुनौती इस बार भी आसान नहीं होने वाली क्योंकि सामने इंग्लैंड की जो टीम है। उसने भी अभी तक टूर्नामेंट में अपनी पूरी क्षमता नहीं दिखाई है और टीम इंडिया की तरह ही वो भी किसी तरह बचते-बचाते आगे पहुंची है।

जब इंग्लैंड ने तोड़ा था भारत का दिल

वैसे वानखेडे और सेमीफाइनल का एक इससे भी पुराना जख्म है और उसका संबंध सीधे इंग्लैंड से है। 2016 में भारत ने पहली बार टी20 वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी। इसी तरह करीब 39 साल पहले 1987 में भारत ने पहली बार वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी। तब उसका सेमीफाइनल भी मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में खेला गया था और वहां भी भारत-इंग्लैंड की टक्कर हुई थी। तब टीम इंडिया डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में उतरी थी और खिताब की दावेदार थी। मगर इंग्लैंड ने सेमीफाइनल में टीम इंडिया को हरा दिया था।इस बार भी भारतीय टीम मौजूदा चैंपियन और खिताब की दावेदार के तौर पर उतरी है। तो क्या एक बार फिर इतिहास खुद को दोहराएगा या फिर वानखेडे का मैदान तीसरे मौके पर टीम इंडिया के लिए लकी साबित होगा?

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