बाढ़ का कहर जारी जेके में 11 की मौत ,वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर भूस्खलन

हिमाचल में 700 सड़कें बंद; पंजाब में कई जिलों में खौफ

नयी दिल्ली। अगस्त का महीना अपने अंतिम हफ्ते में है और अभी भी देश के कई राज्य लगातार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से ग्रस्त हैं। हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश की वजह से भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने खासी तबाही मचाई है.करीब 700 सड़कें बंद हो चुकी हैं।  राज्य जम्मू-कश्मीर में बारिश ने अपना कहर बरपाया. इस केंद्रशासित प्रदेश खासकर जम्मू क्षेत्र भारी और लगातार बारिश से खासा नुकसान हुआ है, जन जीवन पर असर पड़ा है. जम्मू क्षेत्र के वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले रूट पर भूस्खलन हो गया, जिसमें कम से कम 10 लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। जम्मू-कश्मीर आज मंगलवार को बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 14 लोग मारे गए। 

राजधानी दिल्ली अभी भी बारिश से परेशान है और राष्ट्रीय राजधानी में इस साल अगस्त में सबसे अधिक बारिश हुई है. राजस्थान, पंजाब और लद्दाख भी बारिश से ज्यादा परेशान हैं. उत्तर प्रदेश के कई शहरों में मंगलवार को भी काफी बारिश हुई. गाजियाबाद और नोएडा के साथ-साथ कई शहरों में बारिश हुई.

हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन, बाढ़ ने मचाई तबाही

हिमाचल प्रदेश में कई स्थानों पर लगातार हो रही भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ आने की वजह से कई दुकानें बह गईं, इमारतें भी ढह गईं, यही नहीं हाईवेज से भी संपर्क टूट गया. कई आवासीय इलाके भी जलमग्न हो गए. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सोमवार रात से हुई किसी भी घटना में किसी के मारे जाने की सूचना नहीं है.

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) का कहना है कि मंगलवार सुबह तक राज्य में कुल 690 सड़कें बंद हो गई थीं. उसके अनुसार बंद सड़कों में से अकेले 320 मंडी जिले में और 132 कुल्लू में स्थित हैं. मौसम विभाग ने कांगड़ा, चंबा और मंडी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है. साथ ही शुक्रवार को मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में जबकि शनिवार को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का ‘ऑरेंज’ अलर्ट भी जारी कर दिया गया है.

कुल्लू जिले के मनाली में ब्यास नदी की तेज धाराएं मंगलवार तड़के एक बहुमंजिला होटल और 4 दुकानों को अपने साथ बहा ले गईं. नदी में उफान की वजह से पानी मनाली के अलू मैदान में घुस गया. साथ ही चंडीगढ़ और मनाली को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया. भारी बारिश से उफनती ब्यास नदी के पानी में मनाली-लेह हाईवे का करीब 200 मीटर हिस्सा बह गया, जिससे रास्ता बंद हो गया और काफी पर्यटक फंस गए.

यही हाल कुल्लू शहर का भी है, इस शहर को जोड़ने वाली मनाली की दाहिने ओर की सड़क पर भी स्थिति गंभीर है. नेशनल हाईवे का हिस्सा बह गया जबकि मनाली से बुरुआ जाने वाली सड़क भी ओल्ड मनाली के पास बह गई. लार्गी बांध से 20,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद आज मंगलवार को ब्यास नदी का जलस्तर और बढ़ गया.

एसईओसी के अनुसार, 20 जून से 25 अगस्त के बीच हिमाचल में बारिश से जुड़ी कई घटनाओं में कम से कम 156 लोगों की मौत हो गई जबकि 38 लापता हैं. एसईओसी के आंकड़े से पता चला है कि राज्य में अब तक अचानक आई बाढ़ की 78 घटनाएं हो चुकी है. जबकि बादल फटने की 41 घटनाएं और 82 बड़े भूस्खलन हुए हैं. इन वजहों से राज्य को 2,394 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

जम्मू-कश्मीर में भी तबाही जारी, रात में घुमने पर पाबंदी

जम्मू-कश्मीर में भी बारिश से तबाही जारी है, खासतौर से जम्मू क्षेत्र में. जम्मू क्षेत्र में भारी बारिश को देखते हुए उत्तर रेलवे ने आज कटरा, उधमपुर और जम्मू रेलवे स्टेशन से आने-जाने वाली 18 ट्रेनों को रद्द कर दिया है. जम्मू क्षेत्र में सोमवार रात से लगातार हो रही बारिश को दशकों में सबसे भारी बारिश कहा जा रहा है, जिसमें पुल तक क्षतिग्रस्त हो गए, सड़क संपर्क मार्ग भी बाधित हो गया. नुकसान के बीच लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

जम्मू में अधिकारियों ने भारी बारिश के बीच किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियाती तौर पर रात के समय लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दिया है. जम्मू के जिला मजिस्ट्रेट राकेश मिन्हास ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया.

इस बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात की और उन्हें जम्मू क्षेत्र में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बारे में जानकारी दी. सीएम अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर कहा,’अमित शाह से फोन पर बात की और उन्हें जम्मू-कश्मीर, खासकर जम्मू के हालात के बारे में जानकारी दी, जहां भारी और लगातार बारिश से बहुत नुकसान हुआ है.जन जीवन पर असर पड़ा है.

माता वैष्णो देवी हादसाः मुजफ्फरनगर के एक परिवार के 5 लोग घायल

लगातार तेज बारिश की वजह से पूरे जम्मू क्षेत्र में बाढ़ आ गई और कई जगहों पर भूस्खलन हुआ. इस घटना में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जिनमें रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मार्ग पर जाने वाले 10 तीर्थयात्री भी शामिल हैं. इनके अलावा काफी लोग घायल भी हुए हैं. कई और लोगों के फंसे होने की आशंका भी है. अपने एक पोस्ट में सीएम अब्दुल्ला ने माता वैष्णो देवी मंदिर के पास भूस्खलन में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त की.

अचानक बाढ़ और भूस्खलन को देखते हुए वैष्णो देवी मंदिर की तीर्थयात्रा स्थगित कर दी गई, बल्कि कश्मीर घाटी में भी बुनियादी ढांचे को खासा नुकसान पहुंचा, पुल ढह गए और मोबाइल टावर और बिजली के ढेरों खंभे टहनियों की तरह टूट गए. इस वजह से यहां के बड़े हिस्से में दूरसंचार सेवाएं ठप पड़ गईं, जिससे लाखों लोगों का संचार संपर्क टूट गया. जम्मू-श्रीनगर और किश्तवाड़-डोडा राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात निलंबित कर दिया गया है.

माता वैष्णो देवी के पास आज हो हादसा हुआ है. उसमें मुजफ्फरनगर के एक ही परिवार के 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. यूपी के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने पीड़ित परिवार के घर जाकर हालचाल लिया. परिवार नगर कोतवाली वाली क्षेत्र के रामलीला टिल्ले का रहने वाला है.

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