आरजी पीजी में अतिथि व्याख्यान का आयोजन
मेरठ। रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज के संस्कृत विभाग द्वारा प्रो.निवेदिता मलिक के निर्देशन में संस्कृत साहित्य परिषद्, ज्ञानार्जन-भारतीय ज्ञान परम्परा रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज,एवं रिसर्च डेवलपमेंट सेल के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें विभाग की सभी शिक्षिकाएं प्रो.पूनम लखनपाल,डॉ.अंजू रस्तोगी,डॉ.उपासना सिंह,निशी की उपस्थिति रही।
विशिष्ट वक्ता के रूप में गुरुकुल कांगड़ी विवि हरिद्वार, उत्तराखंड के पूर्व कुलपति प्रो.सोमदेव वेद इस विषय पर अति महत्वपूर्ण एवं विद्वत्ता पूर्ण व्याख्यान देकर समस्त छात्राओं को लाभान्वित किया।
प्रो.सोमदेव ने बताया कि न केवल भारतवर्ष अपितु सम्पूर्ण विश्व की भाषा एवं संस्कृति का संरक्षण यदि कहीं निहित है तो वह है वेद। चौदह विद्याओं एवं 64 कलाओं सभी का मूल स्रोत वेद ही है। वेद शब्द 'विद्' धातु से निष्पन्न है जिसका अर्थ है ज्ञान,जानना,ग्रहण करना इत्यादि। सर्व ज्ञानमयो ही स: के द्वारा उन्होंने बताया कि प्रत्येक संस्कृतनिष्ठ शब्द स्वयं में सम्पूर्ण अर्थ को समाहित किए हुए होता है,सप्ताह के दिनों के नाम उनके कार्यप्रणाली के अनुसार होता है,सूर्य से निकलने वाली ध्वनि ओऽम् जिसको नासा ने अब सिद्ध किया है वह कई हजार वर्ष पूर्व छांदोग्योपनिषद में वर्णित है। विज्ञान,आयुर्वेद, योग,चिकित्सा इत्यादि सभी क्षेत्रों में निहित ज्ञानराशि वेद की ही देन है। इस अवसर पर अन्य विभाग की शिक्षिकाएं प्रो.अंजुला राजवंशी, प्रो.सोनिका चौधरी, प्रो.छाया तेवतिया, प्रो.अपर्णा वत्स,प्रो.दीक्षा यजुर्वेदी, उपासना देवी की गरिमामयी उपस्थिति रहीं।शोधच्छात्रा शिखा त्यागी, विनीता,भारती,अनिका,मेरठ कॉलेज से निमिषा,सी.सी.एस यूनिवर्सिटी की छात्रा पूनम वर्मा उपस्थित रहीं। छात्राओं में बी.ए.द्वितीयवर्ष से मुस्कान,सोनी,पारुल,बी.ए तृतीय वर्ष से तनीषा, दिपांशी,काजल,एम.ए.द्वितीय वर्ष से प्रेरणा,तानिया, स्वीटी, मनीषा,निधि,अलका इत्यादि की उपस्थिति रहीं।


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