मिल रही सीएम आवास के नाम से धमकी
साढ़े चार साल की नौकरी में जांगिड़ का नौ बार तबादला हुआ है। हाल ही में हुए तबादले को लेकर उन्होंने बड़वानी कलेक्टर पर सवाल उठाए थे। उनके ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए थे। इसके साथ ही एमपी आईएएस एसोसिएशन के ग्रुप में उन्होंने इसे पोस्ट किया था। सीनियर अधिकारियों ने लोकेश जांगिड़ को पोस्ट हटाने के लिए कहा, उन्होंने इनकार किया तो आईएएस एसोसिएशन के ग्रुप से भी रिमूव कर दिया गया। बुधवार की शाम 35 वर्षीय अधिकारी को सामान्य प्रशासन विभाग ने नोटिस भी जारी किया था। इनके खिलाफ आरोप है कि तबादले को लेकर एक बड़े अधिकारी का कॉल रिकॉर्ड किया है जो सिविल सर्विस कानून के खिलाफ है। यह विश्वास और प्राइवेसी का उल्लंघन है। सरकार की तरफ से जांगिड़ से सात दिनों के अंदर जवाब मांगा गया है। जांगिड़ ने अपने पोस्ट में लिखा था कि जो लोग हर तरह के माफिया से पैसा निकालते हैं, उनका इस क्षेत्र से उस क्षेत्र में तबादला हो जाता है। वहीं, ईमानदारी से काम करने वाले लोगों का तबादला कर सचिवालय में फेंक दिया जाता है। उन्होंने लिखा कि एमपी में कार्यकाल की स्थिरता और सिविल सेवा बोर्ड नामक संस्था मजाक है। मैं रिटायरमेंट के बाद एक किताब लेकर आऊंगा और उम्मीद है कि सभी सामने तथ्य लाऊंगा। अभी मेरे हाथ आचरण के नियमों से बंधे हुए हैं।
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