लखनऊ,-उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने रायबरेली में सुपारी देकर ग्राम प्रधान की हत्या कराने की साजिश का पर्दाफाश करते हुए एक लाख रुपये के इनामी को उसके साथी के साथ आज गिरफ्तार कर लिया।
एसटीएफ ने यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सूचना मिली की रायबरेली के ऊँचाहार इलाके में रामचन्दरपुर के ग्राम प्रधान दिलीप तिवारी उर्फ लाल जी तिवारी एवं युनूस अली की सुपारी देकर हत्या कराने की
साजिश योजना है। इस का पर्दाफाश करते हुए एसटीएफ ने हत्या की सुपारी लेने वाले एक लाख रुपये के इनामी अपराधी प्रशान्त उर्फ गुड्डू उर्फ डाक्टर निवासी ग्राम भारतगढ़ को उसके साथी सुरेश सिंह उर्फ मुन्ना निवासी साहबगंज
बाजार सलोन को रामचन्दरपुर रेलवे क्रासिंग के पास बनरहिया बाग से गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से एक पिस्टल .32 बोर,तमंचा 315 बोर, कुछ कारतूस और दो मोबाइल फोन और कुछ नकदी बरामद की।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार इनामी अपराधी एवं उसके साथी से गहन एवं विस्तृत पूछताछ पर बताया कि नवम्बर 2020 में देवतादीन निवासी ग्राम रामचन्दरपुर की लड़की शिवानी को उसी के गाॅव के युनूस अली ने भगा कर शादी कर ली थी। युनूस अली रामचन्दरपुर गाॅव के प्रधान दिलीप कुमार तिवारी उर्फ लाल जी तिवारी का करीबी था। उसके बाद इसी 14 फरवरी को ग्राम रामचन्दरपुर निवासी देवतादीन का पुत्र आयुष आनन्द ने अपने दोस्तों के साथ अम्बेडकर जयन्ती का आयोजन कर रहा था। चूॅकि उसी समय प्रदेश में त्रिस्तरीय ग्राम पंचायत चुनाव का भी हो रहा था एवं ग्राम प्रधानी
का चुनाव लड़ रहे दिलीप कुमार तिवारी उर्फ लाल जी तिवारी अपने चुनाव प्रचार में जुलूस निकाल रहे थे। अम्बेडकर जयन्ती मना रहे आयुष आनन्द व उसके दोस्तों तथा जुलूस निकाल रहे ग्राम प्रधान दिलीप कुमार तिवारी के
बीच कहा सुनी हो गई तथा एक-दूसरे को देख लेने की धमकी देते हुए चले गए।
प्रवक्ता ने बताया कि 16 अप्रैल को ऊँचाहार और जगतपुर के बीच चड़रई चौराहा के पास आयुष आनन्द की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।मृतक आयुष आनन्द के पिता देवतादीन को शक था कि उसका बेटा सड़क
दुर्घटना में नहीं मरा बल्कि ग्राम प्रधान दिलीप कुमार तिवारी ने सुनियोजित तरीके से उसकी हत्या करवा दी। देवतादीन अपने बेटे की मौत तथा एक दूसरे धर्म के लड़के द्वारा स्वयं की लड़की को भगाकर शादी कर लेने से काफी दुखी एवं क्षुब्ध था तथा वह हर हाल में इसका बदला लेना चाहता था। अपने साथ हुई दोनों घटनाओं का जिम्मेदार ग्राम प्रधान दिलीप कुमार तिवारी उर्फ लाल जी तिवारी एवं युनूस अली को मानता था, जिसका बदला दोनों की हत्या कराने का ठेका प्रतापगढ़ निवासी मुन्ना सिंह उर्फ सुरेश सिंह को दिया।
उन्होंने बताया कि मुन्ना सिंह उस इलाके का दबंग एवं पुराना शातिर अपराधी है तथा हत्या, लूट जैसी जघन्य आपराधिक वारदातों में कई बार जेल भी जा चुका है। मुन्ना सिंह ने ग्राम प्रधान लाल जी तिवारी एवं युनूस अली की हत्या करने के लिए प्रतापगढ़ का शातिर एवं वर्ष 2019 से फरार एक लाख रूपये का पुरस्कार घोषित अपराधी प्रशान्त उर्फ डाक्टर से सम्पर्क किया। प्रशान्त उर्फ डाक्टर ने प्रतापगढ़ जेल में बंद अपने साथी रामराज यादव से इस घटना को अंजाम देने के लिए दो-तीन लड़कों के लिए सम्पर्क किया। इधर देवतादीन द्वारा उक्त दोनों लोगों की हत्या करने के एवज में दो लाख रूपए मुन्ना सिंह को एडवान्स के रूप में दिया जा चुका था। शातिर अपराधी प्रशान्त उर्फ डाक्टर द्वारा हत्या करने के लिए रैकी भी की चुकी थी।
गौरतलब है कि देवतादीन गुजरात के मेहसाणा में डैरिक मैन के पद पर कार्यरत् है। इस बीच वह पंचायत चुनाव के समय अपने गाॅव रामचन्दरपुर आया हुआ था एवं वर्तमान ग्राम प्रधान दिलीप तिवारी का चुनाव में विरोध भी किया था। हत्या की सुपारी लेने वाले अभियुक्तों को देवतादीन ने यह बताया गया था कि जब वह गुजरात पहुॅच जाएगा तथा ड्यूटी के दौरान वहां लगे कैमरों मेें उसकी उपस्थिति दर्ज हो जाए तब दोनों लोगों के हत्या की घटना को अंजाम देना है। सात अप्रैल को देवतादीन मेहसाणा चला गया था और डील के मुताबिक अब किसी भी दिन गिरफ्तार किए गए शातिर
अपराधी प्रशान्त उर्फ डाक्टर तथा मुन्ना सिंह उपरोक्त द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर रामचन्दर पुर के प्रधान दिलीप कुमार तिवारी उर्फ लाल जी तिवारी तथा युनूस अली की हत्या कर दी जाती।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts