15 साल बाद जिंदा गिरफ्तार


मेरठ। 10 अप्रैल 2006 को हुए विक्टोरिया पार्क अग्निकांड में 67 लोग जिंदा जल गए थे। सैकड़ों लोग इस हादसे में झुलस गए। डेथ सर्टिफिकेट के अनुसार, मृतकों में से एक अनिराज सिंह भी था। अनिराज सिंह को गुरुवार को बुलंदशहर पुलिस ने जिंदा दबोच लिया। पता चला कि हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट से हुई उम्रकैद से बचने के लिए उसने फर्जी डेथ सर्टिफिकेट लगाकर खुद को मृत दर्शा दिया था।

सरधना थाना क्षेत्र के ग्राम मदारपुर में वर्ष 1988 में अनिल की हत्या हुई थी। इस मामले में मुकदमा अपराध संख्या-201/1988 दर्ज हुआ। सुप्रीम कोर्ट से अनिराज सिंह पुत्र जयवीर सिंह को उम्रकैद की सजा हुई थी। साल 2004 में अनिराज पैरोल पर जेल से बाहर आया। इस दौरान फरार हो गया। 2006 में अनिराज के परिजनों ने पुलिस को उसकी मौत का डेथ सर्टिफिकेट दिया। बताया कि अनिराज की मौत विक्टोरिया पार्क अग्निकांड में हो गई है। पुलिस ने इसकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को भेज दी थी।
पिछले साल पता चला जीवित है अनिराज 
वर्ष 2020 में मृतक अनिल के परिजनों ने सूचना दी कि अनिराज जीवित है। आरोप पुष्ट होने पर सरधना थाने पर फर्जी कागजात तैयार कराने का मुकदमा दर्ज करते हुए अनिराज पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
16 साल से कर रहा था गार्ड की नौकरी 
बुलंदशहर पुलिस की स्वाट टीम ने अनिराज सिंह को गुरुवार को कस्बा स्याना से गिरफ्तार कर लिया। उससे एक तमंचा-कारतूस बरामद हुआ। पता चला कि उम्रकैद से बचने के लिए उसने फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनवाया था। फिलहाल पत्नी और बच्चों सहित उत्तराखंड के रुद्रपुर में रहकर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था। 16 साल तक वह गुरुग्राम, नोएडा, मेरठ व रुद्रपुर में गार्ड की नौकरी कर छिपता रहा।

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