2-9 से पिछड़े सुजीत कलकल, आखिरी 90 सेकंड में पलटी बाजी और जीता गोल्ड
65 किग्रा फ्रीस्टाइल फाइनल में ताजिकिस्तान के पहलवान को 10-9 से हराया, अंतिम 10 सेकंड में लगाया निर्णायक दांव
नई दिल्ली। भारतीय पहलवान सुजीत कलकल ने एशियन गेम्स-2026 में पुरुषों के 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में शानदार वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। फाइनल में उन्होंने ताजिकिस्तान के अब्दुलमाजिद कुदिएव को 10-9 से हराया। मुकाबले में एक समय सुजीत 2-9 से पीछे चल रहे थे और उनके लिए वापसी बेहद मुश्किल नजर आ रही थी, लेकिन आखिरी 90 सेकंड में उन्होंने लगातार हमले कर मुकाबले का रुख बदल दिया।
चार दांव से हासिल किए आठ अंक
पहले राउंड में सुजीत 2-4 से पीछे थे। दूसरे राउंड में कुदिएव ने दो और अंक हासिल कर बढ़त 9-2 कर ली। इसके बाद सुजीत ने जबरदस्त वापसी शुरू की। उन्होंने विरोधी पहलवान को लगातार चार बार पटखनी देकर आठ अंक हासिल किए और स्कोर 8-9 तक पहुंचा दिया।
अंतिम 10 सेकंड में निर्णायक दांव
मुकाबला खत्म होने में महज 10 सेकंड बाकी थे और सुजीत एक अंक से पीछे थे। इसी दौरान उन्होंने शानदार दांव लगाकर कुदिएव को नीचे गिराया और दो अंक हासिल कर लिए। स्कोर 10-9 होते ही सुजीत ने बढ़त कायम रखी और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
पिता से मिली कुश्ती की प्रेरणा
हरियाणा के चरखी दादरी निवासी सुजीत कलकल का जन्म 5 नवंबर 2002 को हुआ। उनके पिता दयानंद कलकल राष्ट्रीय स्तर के पहलवान रहे हैं। सुजीत ने अंडर-20 और अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते हैं। 2025 में उन्होंने सर्बिया के नोवी साद में अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप में भी गोल्ड हासिल किया था। एशियन गेम्स का यह स्वर्ण उनकी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई।

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