मेडिकल कॉलेज में जटिल सर्जरी, सिकुड़ी भोजन नली को बचाया
अमरोहा की 37 वर्षीय महिला की सफल सर्जरी, इसोफेगेक्टोमी टली; अब सामान्य आहार ले रही मरीज
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के शल्य चिकित्सा विभाग की एचपीबी एवं जीआई यूनिट ने रासायनिक पदार्थ के सेवन से सिकुड़ी भोजन नली (Esophageal Stricture) से पीड़ित 37 वर्षीय महिला की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की। सर्जरी में खराब भोजन नली को निकालने की पारंपरिक प्रक्रिया इसोफेगेक्टोमी के बजाय मरीज की प्राकृतिक भोजन नली को सुरक्षित रखा गया। मरीज अब सामान्य रूप से मुंह से आहार ले रही है और स्वस्थ स्थिति में उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।
सर्जरी एसआईसी डॉ. धीरज राज और यूनिट हेड प्रो. डॉ. संजीव कुमार के मार्गदर्शन में सहायक आचार्य डॉ. शुभम यादव ने की। सीनियर रेजिडेंट डॉ. आकांक्षा सिंह, डॉ. रवि, रेजिडेंट डॉ. राजेंद्र, डॉ. ऋषभ, डॉ. आशीष चौधरी और एनेस्थीसिया टीम की डॉ. संगीता का सहयोग रहा।
महानगरों में रेफर करने की जरूरत कम
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, पहले इस तरह के जटिल मामलों को उपचार के लिए दिल्ली के बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाता था। प्राचार्य प्रो. डॉ. आरसी गुप्ता के सहयोग से अब मेडिकल कॉलेज में उन्नत शल्य चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही उपचार मिल रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, रासायनिक पदार्थ के सेवन से भोजन नली में गंभीर चोट के बाद घाव भरने के दौरान नली सिकुड़ सकती है, जिससे मरीज को पानी और भोजन निगलने में भी परेशानी होती है। इस मामले में विशेष सर्जिकल तकनीक से प्राकृतिक भोजन नली को बचाते हुए मरीज की निगलने की क्षमता बहाल की गई।

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