शक्ति का संचार करता है सुबह के समय ध्यान


- ऋषि कुमार वर्मा, जालंधर।

सुबह उठकर सबसे पहले आप क्या करते हैं? करवटें लेते हैं और फिर से सो जाते हैं, चाय या कॉफी लेते हैं। सीधे तय किए हुए काम पर लग जाते हैं? क्या आपको नहीं लगता कि आपका दिन आरंभ कुछ ऐसे होना चाहिए जो आपको ऊर्जा से परिपूर्ण कर दे। आइए जानते हैं कि दिन की शुरुआत करने का सही तरीका क्या है?

मात्र 20 मिनट का गहरा ध्यान आपके मन व शरीर में शक्ति का संचार कर सकता है। सुबह का ध्यान आपकी दिनचर्या के लिए एक दिशा निर्धारित कर देता है। आप पूरे दिन एकाग्र, शांत व संतुलित महसूस करते हैं। तनाव आप से दूर रहता है। आप संभवतः स्वास्थ्यप्रद भोजन की तरफ  बढ़ते हैं। पिछले दिन के तनाव को आसानी से छोड़ते हैं और रात में निश्चिंत होकर सोते हैं।

सुबह के ध्यान का अभ्यास आपके जीवन में बहुत से सकारात्मक परिवर्तन लाता है। हां, इसको जीवन धारा में लाने के लिए कुछ प्रयास आवश्यक हंै। अपने घर पर ध्यान के लिए एक स्थान सुनिश्चित कर लें। इसे अपना विशेष स्थान बना लें, जो आपके लिए अपने आपमें रहने की जगह है, स्वर्ग है। स्वयं से एक वादा करें। आप हर सुबह यहां जरूर आएंगे चाहे जो भी हो इस अभ्यास को सहज करने में कुछ समय और धीरज चाहिए। इसे अपने मन को जोर देकर 40 दिन लगातार करें। सोने की जल्दी कोशिश करें, जिससे आप औसत 6-8 घंटे की नींद ले सकें। अधिक सोना आपके सुबह के ध्यान में बाधा बनता है, उसी तरह बहुत कम सोना भी अच्छा नहीं है। यदि आप सुबह उठने के भय के रोग से ग्रसित हैं, तो आप सुबह के ध्यान को भी सुबह का एक काम समझेंगें।

हालांकि कुछ दिनों के अभ्यास के बाद आप पाएंगे कि सुबह का ध्यान ही सुबह उठने के भय को भगा देगा। बस कुछ दिन अपने भीतर के अवरोध पर ध्यान न देकर पूर्ण एकाग्रता से ध्यान से होने वाले लाभों पर ध्यान दें। ज्यादातर लोगों के लिए सुबह का समय बहुत ही व्यस्त होता है।
काम के लिए तैयार होना, परिवार को दिनभर के लिए तैयार करना, ऐसे में ध्यान को सुबह के समय में जोड़ना बहुत कठिन प्रतीत हो सकता है। वास्तव में ध्यान आपकी व्यस्त सुबह को सहज कर सकता है। सुबह की शुरुआत एक शांत और प्रसन्न मनोस्थिति से करके आप कम समय में अधिक प्राप्त कर सकते हैं।

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