अंगदान की शपथ लेकर बोले एमडीएसयू के विद्यार्थी-मानवता की सेवा के साथ खेलों में भी रहे ईमानदारी
सेवा संकल्प अभियान में अंगदान और डोपिंग जागरूकता कार्यक्रम, विद्यार्थियों ने लिया स्वच्छ एवं निष्पक्ष खेल का संकल्प
मेरठ, 30 सितंबर। मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी (एमडीएसयू), सलावा में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत अंगदान एवं डोपिंग जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एमडीएसयू और सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एसवीपीयूएटी) के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मानवता की सेवा और स्वच्छ खेल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम के पहले चरण में विद्यार्थियों को अंगदान के महत्व और इसकी मानवीय उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि अंगदान जरूरतमंद लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विद्यार्थियों को समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने अंगदान की शपथ भी ली।
डोपिंग के खिलाफ लिया स्वच्छ खेल का संकल्प
कार्यक्रम के दूसरे चरण में डोपिंग जागरूकता पर विशेष प्रस्तुति दी गई। विद्यार्थियों को प्रतिबंधित पदार्थों और विधियों, डोपिंग से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों तथा खेलों में ईमानदारी और निष्पक्षता के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (एनएडीए) और विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (डब्ल्यूएडीए) की भूमिका से भी अवगत कराया गया।
विद्यार्थियों ने डोपिंग के खिलाफ जागरूकता की शपथ लेते हुए स्वच्छ, निष्पक्ष और नैतिक खेल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी जरूरी : सुनील झा
विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुनील कुमार झा ने विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति में सामाजिक चेतना और जिम्मेदारी का विकास समाज के सशक्त एवं संवेदनशील भविष्य के लिए आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अंगदान और स्वच्छ खेल जैसे महत्वपूर्ण संदेशों को अपने परिवार और समाज तक पहुंचाएं।
कार्यक्रम अकादमिक अधिष्ठाता प्रो. डॉ. रचना वर्मा के मार्गदर्शन में हुआ। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान और कौशल देना नहीं, बल्कि संवेदनशील, जिम्मेदार और नैतिक नागरिक तैयार करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से सामाजिक सरोकारों के प्रति सजग रहने और खेलों में अनुशासन, ईमानदारी तथा नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
कुलपति ने कहा- युवा बनें सकारात्मक बदलाव के वाहक
विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत, वीएसएम (सेवानिवृत्त) ने अपने संदेश में कहा कि अंगदान मानवता के प्रति संवेदना और सेवा-भाव का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसी तरह स्वच्छ एवं निष्पक्ष खेल अनुशासन, ईमानदारी और खेल भावना की पहचान हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से सामाजिक सरोकारों से जुड़कर जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जागरूकता सत्र, संवादात्मक गतिविधियों और शपथ के माध्यम से विद्यार्थियों ने मानवता की सेवा तथा स्वच्छ खेल का संदेश दिया। इस अवसर पर डॉ. पवित्रा, डॉ. अंकित आर्या, डॉ. जयदीप नेगी और सुश्री श्रीजा सिंह सहित विश्वविद्यालय के प्रशिक्षक एवं संकाय सदस्य मौजूद रहे।

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