युवाओं में ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना जरूरी: हरीश रौतेला

CCSU के अटल सभागार में आरएसएस के शताब्दी वर्ष के तहत युवा संवाद, कुलपति ने कहा- युवा शक्ति ही राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने की। मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता आरएसएस पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र संपर्क प्रमुख हरीश रौतेला ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण, स्वावलंबन और सकारात्मक जीवन मूल्यों से जुड़ने का आह्वान किया।

हरीश रौतेला ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में ‘राष्ट्र प्रथम’ का भाव होना चाहिए। उन्होंने संघ संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को शिक्षा को केवल रोजगार का माध्यम न मानकर जीवन के उद्देश्य और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपनी भाषा, संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों के प्रति स्वाभिमान रखने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि खेल, विज्ञान, शिक्षा, अर्थव्यवस्था और तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत आगे बढ़ रहा है और इसमें युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। युवाओं को स्टार्टअप व उद्यमिता की ओर बढ़ते हुए नौकरी तलाशने वाले के बजाय रोजगार देने वाला बनने का प्रयास करना चाहिए। मेजर ध्यानचंद के जीवन का उदाहरण देते हुए उन्होंने लक्ष्य के प्रति समर्पण, धैर्य और दृढ़ संकल्प का संदेश दिया। साथ ही नशे व अन्य व्यसनों से दूर रहने की सलाह दी।

युवा शक्ति को सही दिशा देना जरूरी

कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा आबादी है। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और नवाचार क्षमता को सही दिशा देना शिक्षण संस्थानों और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री या रोजगार हासिल करना नहीं, बल्कि राष्ट्रबोध, सामाजिक उत्तरदायित्व, नैतिक मूल्यों और नेतृत्व क्षमता का विकास भी होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप, अनुसंधान और उद्यमिता के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर हैं। युवाओं को अवसरों की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं अवसर पैदा करने की सोच विकसित करनी चाहिए। विश्वविद्यालय ऐसे नागरिक तैयार करने का प्रयास कर रहा है जो ज्ञानवान होने के साथ चरित्रवान और जिम्मेदार भी हों।

कार्यक्रम में प्रश्नोत्तर सत्र भी हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने राष्ट्र निर्माण, शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और सामाजिक दायित्वों से जुड़े सवाल पूछे। मुख्य वक्ता ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में सह प्रांत प्रचारक आनंद कुमार, मेरठ विभाग प्रचारक कौशल कुमार, पूर्वी मेरठ महानगर प्रचारक अनिकेत कुमार, प्रो. शिवराज पुंडीर, डॉ. विवेक कुमार सहित शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। संचालन प्रो. कृष्णकांत शर्मा ने किया।

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