अतुल पांडे की ‘मैं निदा’ को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार

बेस्ट आर्ट्स/कल्चर फिल्म का मिला सम्मान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित

गाजियाबाद। फिल्म निर्माता-निर्देशक अतुल पांडे की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘मैं निदा’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में बेस्ट आर्ट्स/कल्चर फिल्म का पुरस्कार मिला है। पद्मश्री कवि एवं गीतकार निदा फाजली के जीवन और साहित्यिक विरासत पर आधारित इस डॉक्यूमेंट्री के लिए गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अतुल पांडे को सम्मानित किया।

लखनऊ निवासी अतुल पांडे की यह पहली निर्देशित डॉक्यूमेंट्री है। इससे पहले उनके द्वारा निर्मित फीचर फिल्म ‘समर 2007’, जो किसानों की आत्महत्या के मुद्दे पर आधारित थी, वर्ष 2008 में और ‘मैं निदा’ वर्ष 2024 में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के इंडियन पैनोरमा के लिए आधिकारिक रूप से चयनित हुई थीं। दोनों फिल्मों का चयन उनके फिल्मी सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

पुरस्कार मिलने पर अतुल पांडे ने कहा कि निदा फाजली पर बनी फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना उनके लिए भावुक और विनम्रता का पल है। फिल्म के माध्यम से निदा के जीवन, रिश्तों, निजी संघर्षों और विचारों को समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल फिल्म के लिए नहीं, बल्कि निदा फाजली के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक योगदान को श्रद्धांजलि भी है।

‘मैं निदा’ में अभिलेखीय सामग्री, निजी स्मृतियों और निदा फाजली को करीब से जानने वाले लोगों के संस्मरणों के जरिए उनके व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को सामने लाया गया है। फिल्म में गायक शान भी शामिल हैं, जिन्होंने अपने पिता मानस मुखर्जी की निदा फाजली से मित्रता और उनसे जुड़ी निजी यादें साझा की हैं। फिल्म में निदा को केवल कवि और गीतकार के रूप में नहीं, बल्कि उनके अनुभवों, संबंधों और विचारों के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। अतुल पांडे को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2026 में उत्तर प्रदेश से सम्मानित होने वाली प्रतिभाओं में शामिल किया गया है।

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