अमेरिका में पीयूष गोयल, उसी दौरान मोदी-ट्रंप की फोन पर बात; ट्रेड समेत इन मुद्दों पर चर्चा

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के बीच हुई दोनों नेताओं की बातचीत, ऊर्जा और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी सहयोग पर भी हुई चर्चा

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार को फोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल अमेरिका के दौरे पर हैं और दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत की जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। बातचीत का घटनाक्रम खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि गोयल 29 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अमेरिका में हैं। उनके दौरे में अमेरिकी अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता के अलावा 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को मिलवॉकी में होने वाली जी-20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में भाग लेना भी शामिल है।

व्यापार समझौते पर बातचीत जारी

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। Reuters के अनुसार गोयल की मौजूदा यात्रा का उद्देश्य प्रस्तावित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत को आगे बढ़ाना और अंतरिम समझौते की दिशा में प्रगति करना है। दोनों पक्षों के बीच अभी कुछ मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है।

गोयल अमेरिका में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के अधिकारियों के साथ बातचीत के अलावा उद्योग जगत, निवेशकों और स्टार्टअप समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। भारत सरकार ने कहा है कि बातचीत में भारत के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार व्यवस्था पर जोर रहेगा।

ऊर्जा और तकनीक पर भी फोकस

मोदी-ट्रंप बातचीत में व्यापार के साथ ऊर्जा और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी भी चर्चा के प्रमुख विषय रहे। भारत और अमेरिका के बीच पहले से ही महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों, ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है।

फिलहाल दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता का अगला चरण गोयल की अमेरिका यात्रा और जी-20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के दौरान होने वाली चर्चाओं पर केंद्रित रहेगा। बातचीत के परिणाम और किसी संभावित समझौते की स्थिति आगे की वार्ताओं के बाद स्पष्ट होगी।

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