पशु के काटने पर 15 मिनट तक साबुन-पानी से धोएं घाव
मेडिकल कॉलेज में विश्व रेबीज दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम और सेमिनार, चिकित्सकों ने बताए बचाव के उपाय
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम और विशेष सेमिनार आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम ‘स्ट्रांगर टुगेदर’ रही। मेडिसिन ओपीडी में चिकित्सकों ने मरीजों और उनके परिजनों को रेबीज से बचाव, पशु के काटने के बाद प्राथमिक उपचार और समय पर चिकित्सकीय सहायता लेने की जानकारी दी।
मेडिसिन विभाग के आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अरविन्द कुमार के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सकों ने बताया कि कुत्ते या किसी संदिग्ध पशु के काटने अथवा नोचने पर घाव को तुरंत कम से कम 15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से धोना चाहिए। इसके बाद बिना विलंब चिकित्सालय पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार रेबीज का टीकाकरण और अन्य आवश्यक निवारक उपचार कराना जरूरी है।
चिकित्सकों ने लोगों को घाव पर मिट्टी, राख, मिर्च, तेल, घी या किसी अन्य पारंपरिक पदार्थ को लगाने से बचने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि रेबीज गंभीर और जानलेवा बीमारी है, लेकिन समय पर उचित निवारक उपचार से इससे बचाव संभव है।
इसके बाद मेडिसिन विभाग में ‘रेबीज एवं उसकी आधुनिक रोकथाम और उपचार’ विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। डॉ. शिवम विमल ने प्रस्तुति के माध्यम से रेबीज के कारण, संक्रमण के माध्यम, प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, निवारक उपायों और गंभीर मामलों के प्रबंधन की जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रो. डॉ. आभा गुप्ता, प्रो. डॉ. संध्या गौतम, प्रो. डॉ. श्वेता शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. स्नेहलता वर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विवेक कुमार, ऋषि सहित विभाग के रेजिडेंट डॉक्टरों ने सहभागिता की।

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