एनएचएम के डीपीएम का कार्यालय सील 

 आरोप के बाद सीएमओ  की कार्रवाई, एफआईआर की भी तैयारियां तेज

 मेरठ। जेल चुंगी स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यालय को वहां तैनात जिला कार्यक्रम प्रबंधक पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद सीएमओ के आदेश के बाद सील कर दिया गया है। डीपीएम के खिलाफ जांच भी शुरू हो गयी है। 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा अशोक कटारिया  के अनुसार संज्ञान में आए प्रकरण के अनुसार मनीष बिसारियां द्वारा एनएचएम  के अंतर्गत जनपद स्तर पर एमबीबीएस  चिकित्सकों की भर्ती में 4 से 5 लाख रुपये तथा आयुष चिकित्सकों की भर्ती में 2 से 3 लाख रुपये तक की अवैध वसूली के आराेप लगे है। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर बीपीएम  के माध्यम से कर्मचारियों के नवीनीकरण के नाम पर धन उगाही, डूडा के जरिए वार्ड बॉय और स्वीपर की नियुक्ति में 50 हजार से 1 लाख रुपये तक लेने, कर्मचारियों के स्थानांतरण के नाम पर वसूली और महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।आरोपों में यह भी कहा गया है कि संबंधित अधिकारी वाहन संबंधी टेंडरों में सहभागिता करने के साथ-साथ नौकरी के दौरान ठेकेदारी के कार्यों में भी संलिप्त थे।मामले का संज्ञान लेते हुए सीएमओने 17 मई को मनीष बिसारियां से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा था। वही देर रात  अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मिशन निदेशक एनएएचएम लखनऊ और अपर निदेशक मेरठ मंडल को पूरे मामले की सूचना भेज दी गई।

विभागीय कार्रवाई के तहत डॉ. सुधीर कुमार, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी को डीपीएमयू  कार्यालय सील कराने के निर्देश दिए गए ।  जिस पर सील की कार्रवाई की गयी।  मनीष बिसारियां को अग्रिम आदेशों तक किसी भी शासकीय कार्य से दूर रहने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारी कोई भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़ा कार्य नहीं करेंगे। अब जिला प्रशासन की ओर से एफआईआर दर्ज कराने को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है।

  सीएमओ के निर्देश बनायी जांच कमेटी 

  डीपीएम पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप के बाद सीएमओ की ओर से एक जांच कमेटी बनायी गयी है। जिसमें एनएचएम से जुड़े अधिकारियों को शामिल किया गया है। जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

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