बजट के बाद हाहाकार
इलमा अज़ीम
1 फरवरी को रविवार के दिन भारत का पहली बार बजट पेश हुआ। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। बजट में मुख्य लक्ष्य आर्थिक वृद्धि, निवेश को बढ़ावा, टैक्स प्रणाली को सरल बनाना और विदेशी निवेशकों का भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रति विश्वास को बहाल करने की कोशिश की गई है। सरकार ने पूंजीगत व्यय को बढ़ाया है।
घरेलू उत्पादन और इन्फ्रस्ट्रक्वर परियोजनाओं में निवेश बढ़े, रोजगार सृजन के अवसर को बढ़ावा मिले, बजट में इसका प्रयास किया गया है। इसका क्या परिणाम होगा यह कहना मुश्किल है। बजट प्रस्तुत होने के तुरंत बाद शेयर बाजार में हाहाकार देखने को मिला। स्टॉक मार्केट पर बिकवाली और सेंसेक्स में भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी प्रमुख सूचकांक नीचे आए। कुछ कंपनियों और निवेशकों पर उच्च डेरिवेटिव टैक्स और व्यापार पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का असर शेयर बाजार में देखने को मिला है।
एक्सपर्ट ने आगे कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ती वोलैटिलिटी को देखते हुए निवेशकों और ट्रेडर्स को फिलहाल चुनिंदा और अनुशासित रणनीति अपनाने की सलाह दी जाती है। गिरावट के दौरान मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही नजर रखें। निफ्टी में 25,000 के ऊपर मजबूत और टिकाऊ ब्रेकआउट आने के बाद ही नई लॉन्ग पोजिशन बनाना बेहतर रहेगा, क्योंकि यही स्तर बाजार की धारणा में वास्तविक सुधार का संकेत देगा। केंद्रीय बजट में कुछ वस्तुएं महंगी हुईं, जैसे खनिज और स्क्रैप जैसे कच्चे माल पर टैक्स एवं शुल्क को बढ़ाया गया है।
शराब और वायदा कारोबार पर टैक्स को बढ़ाया गया है। कुछ आवश्यक दवाइयाँ इस बजट में सस्ती करने का प्रावधान किया गया है। कैंसर और शुगर जैसी बीमारियों के उपयोग में आने वाली दवाइयों की कीमतें कम होंगी, जिससे आम जनता को राहत मिलेगी। विदेशी संपत्ति की घोषणा पर छूट और अघोषित संपत्ति पर राहत, आपराधिक मामलों और जुर्माने में छूट दी गई है।





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