संसद में राहुल के बयान पर हंगामे के बाद पीएम मोदी से मिले रिजिजू

 स्पीकर से शाह और राजनाथ की बैठक

 नयी दिल्ली, एजेंसी। सोमवार को   राहुल गांधी के लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान पूर्व सेना प्रमुख की लद्दाख संघर्ष पर अनपब्लिश्ड किताब का जिक्र करने से भारी हंगामा हुआ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने इसका कड़ा विरोध किया, जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक स्थगित कर दी।

विपक्ष के नेता राहुल गांधी के सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के चर्चा के दौरान दिए बयान से हंगामा मच गया। हंगामे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संसद में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ उनके कक्ष में बैठक की। इससे पहले किरेन रिजिजू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।

राहुल गांधी ने आज संसद में अपने भाषण की शुरुआत पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की 2020 में भारत और चीन के बीच लद्दाख में हुए टकराव पर लिखी एक अनपब्लिश्ड किताब पर एक मैगजीन आर्टिकल दिखाकर की। इसका रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विरोध किया और लोकसभा अध्यक्ष ने भी रुलिंग दी, लेकिन विवाद नहीं थमा तो लोकसभा अध्यक्ष ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक स्थगित कर दी।

दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से संसद में उनके चैंबर में मुलाकात की। इस अवसर पर पार्टी के सांसद केसी वेणुगोपाल और शशि थरूर भी बैठक में मौजूद थे।

किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर बोला हमला

बाद में किरेन रिजिजू ने कहा कि हम राहुल गांधी का स्पीच सुने के लिए बैठे थे। स्पीकर साहब ने बार-बार राहुल गांधी को बोला कि अभिभाषण पर चर्चा कीजिए, लेकिन राहुल गांधी ने समय बर्बाद किया।उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस के समय जो कब्जा किया. आप उसको वापिस कर सकते है क्या? हमारी आर्मी मजबूती से खड़ी है। 1959 से पहले 1962 में कुछ हिस्से चीन में गए. इसके लिए राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि आप बड़े परिवार में पैदा हुए तो क्या सबसे ऊपर हो गए। कांग्रेस के सीनियर लीडर ताली बजा रहे थे। राहुल गांधी अपनी बुद्धि लगाकर अपने एमपी को समझाए और नियम का पालन करें पीएम मोदी की अगुवाई में भारत एक इंच सरेंडर नही कर सकता है।

बीजेपी ने क्यों जताई आपत्ति? निशिकांत ने बताई वजह

लोकसभा में एलओपी राहुल गांधी के पार्लियामेंट में दिए बयान पर बीजेपी एमपी निशिकांत दुबे कहा, “हम पार्लियामेंट में जो कहते हैं, वह संविधान के आर्टिकल 105 के तहत आता है, जिसमें कहा गया है कि हमें बोलने की आजादी है। आर्टिकल 105 यह भी कहता है कि स्पीकर को कुछ मामलों में नियम बनाने होते हैं। आर्टिकल 105 में एक और पेंच है। इसमें कहा गया है कि संविधान का आर्टिकल 19, जो बोलने की आजादी से जुड़ा है, उस पर सबसे पहले ध्यान देना चाहिए।

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