नीचे कार, ऊपर रैपिड रेल…
मुरादाबाद से 90 मिनट में पहुंचेंगे दिल्ली
केन्द्र सरकार ने दी मुरादाबाद -दिल्ली हाईस्पीड रैपिड रेल को मंजूरी
दस हजार करोड़ से अधिक परियोजना पर हाइवे के ऊपर एलिवेटर पर दौड़गी रैपिड
नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश में एक और रैपिड रेल को मंजूरी दे दी है। यह रैपिड रेल उत्तर प्रदेश की पीतल नगरी मुरादाबाद से दिल्ली के बीच चलेगी। इस ट्रेन का संचालन प्रोजेक्ट विजन के तहत किया जाएगा। इस महात्वाकांक्षी योजना के तहत मुरादाबाद से देश की राजधानी दिल्ली की दूरी को महज 90 मिनट में सिमट जाएगी। अभी इस सफर को तय करने में ट्रेन या बस से चार घंटे तक का समय लग जाता है। अपनी गाड़ी से भी इस सफर में कम से कम तीन घंटे तो लग ही जाते हैं। खास बात यह होगी ऊपर रैपिड दौड़ेगी तो नीचे कार चलेगी। यह योजना मुरादाबाद, अमरोहा, हापुड़ और गाजियाबाद के आर्थिक विकास में गेम-चेंजर साबित होगी.
मंडलीय अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना के डीपीआर पर काम शुरू हो गया है इसे हर हाल में 20 जून तक तैयार कर सरकार के सामने रख दिया जाएगा। इस प्रोजेट में करीब 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट खर्च होना है। गाजियाबाद पहले से ही हाईस्पीड रेल नेटवर्क से जुड़ा है।
एलिवेटेड ट्रैक पर दौड़ेगी हाईस्पीड ट्रेन
इस प्रोजेक्ट की बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए जमीन अधिग्रहण की जरूरत नहीं होगी। बल्कि यह ट्रेन पहले से मौजूद नेशनल हाईवे के ऊपर ही एलिवेटेड ट्रैक पर दौड़ेगी। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए चार चरण तय किए गए हैं। पहले चरण में इस प्रोजेक्ट की शुरूआत मुरादाबाद के पाकबड़ा से किया जाएगा। इस चरण में जोया तक एलिवेटेड ट्रैक का निर्माण होगा। फिर दूसरे चरण में जोया से गजरौला, तीसरे चरण में गजरौला से हापुड़ और फिर अंतिम चरण में हापुड़ से गाजियाबाद तक का एलिवेटेड ट्रैक तैयार किया जाएगा।
इसी साल शुरू होगा काम
इस प्रोजेक्ट की आधारशिला इसी साल यानी 2026 में ही रखी जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, चूंकि इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन खरीदने की जरूरत नहीं है, इसलिए हाईवे पर सीधे पिलर डालकर एलिवेटेड ट्रैक बनाने का काम शुरू हो जाएगा। ऐसे में काम शुरू करने में कोई बाधा नहीं है. इस ट्रैक के चालू होने से ना केवल नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक कम होगा, बल्कि परंपरागत रेलवे पर भी दबाव कम होगा। वहीं दिल्ली-मुरादाबाद के सफर में लगने वाला समय कम होने से औद्योगिक विकास में तेजी आएगी।


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