जिले के बैंकों में 8.11 लाख निष्क्रिय खाते, ₹213.11 करोड़ रुपये की अदावा राशि पड़ी 

शिविर के माध्यम से 25 ग्राहकों के दावों को निस्तारण करा कर 45 लाख की राशि खातों में पहुंचाई

 धनराशि पाकर ग्राहकों के चेहरे की लौटी चमक 

मेरठ। आप जानकार आश्चर्य चकित होंगे। जिले के विभिन्न बैंकों में करीब 8,11,787 खातों में जमा राशि पिछले दस वर्षों से निष्क्रिय पड़ी हुई है। इन खातों में कुल मिलाकर लगभग ₹213.11 करोड़ रुपये की अदावा या अप्रयुक्त / अप्राप्त राशि जमा है। इन खातों में लंबे समय से कोई लेन-देन न होने के कारण इनकी धनराशि डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड (DEAF) में स्थानांतरित कर दी गई है। इसी परिप्रेक्ष में शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में अग्रणी जिला प्रबंधक कार्यालय कैनरा बैंक, मेरठ के तत्वावधान में अवशिष्ट जमा  निस्तारण हेतु विशेष शिविर Phase-IV का आयोजन  किया गया । शिविर में आरबीआई के अधिकारी, पचास से अधिक बैंकों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। शिविर का विशेष आकर्षण यह रहा कि-10 वर्ष से अधिक अवधि से अवशिष्ट पड़े खातों के अंतर्गत 25 से अधिक ग्राहकों को उनके निस्तारित दावों का प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया, जिसमे उन्हे Rs.45 लाख से अधिक अवशिष्ट जमा की राशि वापस प्राप्त हुई। यह पहल ग्राहकों के लिए अत्यंत लाभकारी और राहतदायक सिद्ध हुई।

एल.डी.एम., मेरठ  राकेश कुमार खन्ना ने बताया  जिले के विभिन्न बैंकों में करीब 8,11,787 खातों में जमा राशि पिछले दस वर्षों से निष्क्रिय पड़ी हुई है। इन खातों में कुल मिलाकर लगभग ₹213.11 करोड़ रुपये की अदावा या अप्रयुक्त / अप्राप्त राशि जमा है। इन खातों में लंबे समय से कोई लेन-देन न होने के कारण इनकी धनराशि डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड (DEAF) में स्थानांतरित कर दी गई है।इन अपरिचालित खातों के निस्तारण एवं वास्तविक खाताधारकों को उनकी पूंजी वापस दिलाने के उद्देश्य  से शिविर का आयोजन किया गया। 

 बताया कि शिविर वित्तीय सेवाएँ विभाग (DFS), भारत सरकार द्वारा 1 अक्टूबर 2025 से 31 दिसम्बर 2025 तक राष्ट्रव्यापी चलाए जा रहे विशेष अभियान "आपकी पूँजी आपका अधिकार" का एक महत्वपूर्ण भाग था। इस अभियान के तहत अभी तक जनपद मेरठ में बैंकों द्वारा 3 करोड़ रुपये से अधिक की अवशिष्ट/DEAF राशि का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है, जो इस अभियान की एक बड़ी उपलब्धि रही। शिविर में जनपद की विभिन्न बैंकों के 50 से अधिक बैंक प्रतिनिधि, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) प्रतिनिधि कुमार कौशल कौशिक  (एलडीओ, आरबीआई), केनरा बैंक सहायक महाप्रबन्धक  बिबिन मोहन , भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) प्रतिनिधि, तथा एल.डी.एम. कार्यालय के अधिकारी उपस्थित रहे। शिविर का संचालन एल.डी.एम. कार्यालय के वरिष्ठ प्रबन्धक श्री रविकान्त अंग्रीश जी द्वारा प्रभावी रूप से किया गया। बड़ी संख्या में ग्राहक भी पहुँचे और उन्होंने अपने DEAF / Unclaimed Accounts संबंधी प्रश्नों एवं दाबों के निस्तारण के लिए विभिन्न बैंकों और बीमा कंपनियों से सीधा संवाद किया।

एल.डी.एम., मेरठ  राकेश कुमार  बताया कि इस शिविर का उद्देश्य जनसामान्य को उनकी निष्क्रिय/अवशिष्ट पूँजी की जानकारी उपलब्ध कराना तथा उनकी वैध राशि को शीघ्रता से वापस दिलाना है। शिविर ने वित्तीय समावेशन और ग्राहक हित संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में कार्य किया।ग्राहकों ने बताया कि सभी बैंक और बीमा कंपनियाँ एक ही स्थान पर उपलब्ध होने के कारण प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और सहज रही।

एल.डी.एम. कार्यालय, मेरठ ने सभी सहभागी बैंक प्रतिनिधियों, RBI और LIC अधिकारियों तथा उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया तथा आश्वस्त किया कि अवशिष्ट जमा निस्तारण से संबंधित ऐसे शिविर भविष्य में भी आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि जनता की पूँजी सुरक्षित रूप से उनके अधिकार में लौट सके।


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